भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के द्वारा एमएसएमई उद्योगों के लिए कुछ नियम बनाये गए है भारत सरकार छोटे- बड़े व्यापारिक संगठनों को उनके व्यापार में कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े, इस बात का ध्यान रखते हुए उन्हें एमएसएमई में आसानी से पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करती है.
एमएसएमई, निवेश के लिए छोटे आकार की एक संस्था है, जिसमे कुशल और अकुशल व्यापारी हो सकते है. जो बड़ी संख्या में बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करके भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपनी अच्छी भूमिका निभाते है. ये निर्यात के क्षेत्र में योगदान, निर्माण क्षेत्र को बढ़ाना और कच्चे माल, बुनियादी सामान आपूर्ति के द्वारा बड़े उद्योगों को समर्थन प्रदान करते है. भारत सरकार एमएसएमईडी अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत कंपनियों या व्यापार के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देती है
- माइक्रो या सूक्ष्म उद्योग : सूक्ष्म उद्योग सबसे छोटी संस्था है. इस विनिर्माण व्यापार के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी में कम से कम 25 लाख तक का निवेश कर सकते है और सेवा व्यापार में अधिक से अधिक 10 लाख रूपये तक का ही निवेश कर सकते है.
- लघु उद्योग : इसके अंतर्गत छोटे विनिर्माण उद्योग के लिए संयत्र और मशीनरी में 25 लाख से 5 करोड़ तक का निवेश कर सकते है, और सेवा उद्यमों में निवेश की सीमा 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक की है.
- मध्यम उद्योग : मध्यम विनिर्माण उद्योग के लिए संयत्र और मशीनरी में 5 करोड़ से 10 करोड़ रूपये तक का निवेश कर सकते है और सेवा उद्यमों के लिए इसकी सीमा 2 करोड़ से 5 करोड़ तक की है
- बैंको से लाभ : सभी बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान एमएसएमई को पहचानते है इसलिए आपको अपने व्यवसाय के लिए ऋण स्वीकृति कम ब्याज दर पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है. एमएसएमई को दी गयी ऋण पर ब्याज की दर सामान्य व्यापार की ब्याज दर की तुलना में 1-1.5 प्रतिशत कम होते है.
- राज्य सरकार द्वारा छूट : ज्यादातर राज्य उन लोगों को बिजली, कर और औद्योगिक सब्सिडी प्रदान करती है, जिन्होंने अपने व्यापार को एमएसएमईडी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किया है. उन्हें राज्य द्वारा विशेष रूप से बिक्री कर में छूट मिलती है.
- कर लाभ : व्यवसाय के आधार पर एमएसएमई में पंजीकृत होने के बाद एक्साईज छूट योजना का लाभ ले सकते है, व्यवसाय के प्रारंभिक वर्ष में कुछ प्रत्यक्ष करों से भी छूट मिलती है, सरकार के द्वारा व्यवसाय को स्थापित करने में व्यापारियों को कई प्रकार की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें लाभ की प्राप्ति होती है.
- केंद्र और राज्य की सरकार से अनुमोदन : एमएसएमई में पंजीकृत व्यवसाय को सरकारी लाईसेंस और प्रमाणीकरण जल्द और आसानी से मिल जाते है. कई ऐसी सरकारी निविदाएं या टेंडर है जो कि भारत में लघु व्यवसाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अर्थात केवल एमएसएमई के लिए ही खुली है
एमएसएमई पंजीकरण में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज (MSME RegistrationRequirements Documents)
- पैन कार्ड की प्रतिलिपि या ज़ेरॉक्स
- आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि इनमे से कोई एक पहचान प्रमाणपत्र के रूप में आपके पास मौजूद होने आवश्यक है.
- पासपोर्ट आकार की तस्वीर
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